Hum Bhikhariyo Se Rishta, Hum Bhikhariyo Se Rishta  Zid Hai Kanhaiya  Harmahennder Singh \\\\\\\"Romi\\\\\\\"
Hum Bhikhariyo Se Rishta, Hum Bhikhariyo Se Rishta Zid Hai Kanhaiya Harmahennder Singh \\\"Romi\\\"

Hum Bhikhariyo Se Rishta Zid Hai Kanhaiya Harmahennder Singh “Romi”

हम भिखारियों से रिश्ता पुराना है,
हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,

रोज रोज भीख बाबा दर पे हो बाँट ते,
हस्ते रहते हो सदा किसी को न दाँतते,
कभी खाली हुआ न खजाना है,
हमे सदा तुमसे मांग करके खाना है,
हम भिखारियों से रिश्ता

बड़ा दिल करके राह मंगतो की देखते,
मांगते भी दर पे तेरे माथा भी टेक ते,
हर मंगता तेरा ही दीवाना है,
हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,
हम भिखारियों से रिश्ता

तेरे ही मंगते कभी दर दर ना मांग ते,
रात रात भर तेरी चौखठ पर जाग ते,
हर जररूत पे दर खट खटना है,
हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,
हम भिखारियों से रिश्ता

युगो युगो से श्याम हम को हो पाल ते,
दर पे जो आये उसे खाली ना टाल ते,
रोमी मंगतो को कैसा शर्माना है,
हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,
हम भिखारियों से रिश्ता

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