कबसे खड़ा तेरे द्वार सांवरे भजन लिरिक्स

कबसे खड़ा तेरे द्वार सांवरे,
मुझको भी दे दे थोड़ा प्यार सांवरे,
कबसें खड़ा तेरे द्वार सांवरे।।



सारे जहाँ की बाबा मैंने,
ठोकर जब थी खाई,
किसी ने भी बाबा मेरी,
जब नहीं करि सुनवाई,
मिला मुझको ये सच्चा दरबार सांवरे,
मुझको ये सच्चा दरबार सांवरे,
कबसें खड़ा तेरे द्वार सांवरे।।



हारे का सच्चा साथी तू,
बनके साथ निभाता,
इस झूठी दुनिया में तू ही,
सच्चा प्रेम निभाता,
चाहे बेरी बने ये संसार सांवरे,
बेरी बने ये संसार सांवरे,
कबसें खड़ा तेरे द्वार सांवरे।।



लख कर देता लखदातारी,
नजर करम तू कर दे,
‘साजन’ के सर पर भी बाबा,
हाथ दया का धर दे,
रोये अखियां मेरी जार जार सांवरे,
अखियां मेरी जार जार सांवरे,
कबसें खड़ा तेरे द्वार सांवरे।।



कबसे खड़ा तेरे द्वार सांवरे,
मुझको भी दे दे थोड़ा प्यार सांवरे,
कबसें खड़ा तेरे द्वार सांवरे।।