था बिन म्हारी आँख्या हो गयी बावली इ टाबर के मन में बस गयी सूरत थारी सांवली Lyrics Bhajans Bhakti Songs

था बिन म्हारी आँख्या हो गयी बावली, इ टाबर के मन में बस गयी सूरत थारी सांवली Lyrics

eh taaber ke mann me bas gai surat thari sawali tha bin mahari ankhiya ho gai bavali

था बिन म्हारी आँख्या हो गयी बावली, इ टाबर के मन में बस गयी सूरत थारी सांवली Lyrics in Hindi

था बिन म्हारी आँख्या हो गयी बावली,
इ टाबर के मन में बस गयी सूरत थारी सांवली
इ टाबर के मन में……….

मनडो म्हारो सुनो डोले डगमैग डोला खावे हे
आंखड़ल्या विरह की मारी,आंसुड़ा टपकावे हे
कइया चलसी था बिन म्हारी गाड़ली
इ टाबर के मन में……….

मीरा पर किरपा किनी थी सुनबा आवे बातड़ली
दास थारो यो आश लगाया,खड्यो उडीके बाटड़ली
प्रेम जाम से भर दो म्हारी बाटली,
इ टाबर के मन में……….

पेल्या प्रीत लगाय के तू क्यू छोड़े मझदार जी
प्रेम भाव को पाठ पढ़ाकर,मत बिसरो दिलदारजी
मन में रम गयी सूरत थारी सांवली
इ टाबर के मन में……….

थे छोडो पण में ना छोड़ू, में तो थारो दास जी
खाटू का घनश्याम मुरारी,में तो थारो खास जी
आलूसिंह की था बिन आँख्या बावली
इ टाबर के मन में……….

था बिन म्हारी आँख्या हो गयी बावली, इ टाबर के मन में बस गयी सूरत थारी सांवली Lyrics Transliteration (English)