ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी | Lyrics, Video | Miscellaneous Bhajans
ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी | Lyrics, Video | Miscellaneous Bhajans

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी लिरिक्स

thehri nhi ye umar bhi dhalti chali gai

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी लिरिक्स (हिन्दी)

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी,
आदत पुरानी लीक पे चलती चली गयी,

हम चाहते थे होवे हरी की उपासना,
दिन रात मगर वासना छलती चली गयी,

दुनिया में दिखा सब कुछ लेकिन मिला न कुछ,
बेबस जवानी हाथ भी मलती चली गयी,

सोचा था संभल जायेंगे सुधरेंगे मगर फिर,
गलती पे गलती बस होती चली गयी,

राजेश्वर श्री राम की जिनपे हुई कृपा,
केवल उन्ही की ज़िन्दगी फलती चली गयी,

Download PDF (ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी)

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी

Download PDF: ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी Lyrics Transliteration (English)

ThaharI nahIM ye umra bhI DhalatI chalI gayI,
Adata purAnI lIka pe chalatI chalI gayI,

hama chAhate the hove harI kI upAsanA,
dina rAta magara vAsanA ChalatI chalI gayI,

duniyA meM dikhA saba kuCha lekina milA na kuCha,
bebasa javAnI hAtha bhI malatI chalI gayI,

sochA thA saMbhala jAyeMge sudhareMge magara phira,
galatI pe galatI basa hotI chalI gayI,

rAjeshvara shrI rAma kI jinape huI kRRipA,
kevala unhI kI ja़indagI phalatI chalI gayI,

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी Video

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी Video

Browse all bhajans by Prince PathakBrowse all bhajans by Vinay Pathak

Browse Temples in India