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Mhara Satguru Deve Updesh Chalo Satsang Mein – एक आध्यात्मिक भजन जो जीवन को सत्य और साधना की ओर प्रेरित करता है। यह भजन मनोहर परसोया द्वारा गाया गया है और सत्संग की महिमा, गुरु की कृपा और मानव जीवन की दुर्लभता को भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करता है। यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है जो आत्मिक विकास और गुरु की शरण में आना चाहता है।
म्हारा सतगुरु देवे उपदेश चालो सतसंग में लिरिक्स (हिन्दी)
म्हारा सतगुरु देवे उपदेश,
चालो सतसंग में।।
भाग भला से मानव तन पाया,
देखो कैसी सुन्दर काया,
ई ने करदो गुरुजी आगे पेश,
चालो सतसंग में।।
सतगुरु दाता ज्ञान सुणावे,
जन्म-मरण का फन्दा मिटायें,
गुरु मिटा देवे जीव का कलेश,
चालो सतसंग में।।
सतसंग की महिमा है भारी,
जामें बैठो नर और नारी,
थे पहली त्यागो दुरेश,
चालो सतसंग में।।
मानाराम गुरु सामर्थ पाया,
सायरमेघ का भाग सवाया,
म्हाने चरणां में राखो हमेश,
चालो सतसंग में।।
म्हारा सतगुरु देवे उपदेश,
चालो सतसंग में।।
म्हारा सतगुरु देवे उपदेश चालो सतसंग में Video | Watch on YouTube
नीचे दिए गए वीडियो में इस भजन का संपूर्ण रसास्वादन करें:
गायक: मनोहर परसोया, किशनगढ़
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