Shree Prakash Gossai – cheer ke chaati
(चीर के छाती बोले अपनी
पवन पुत्र हनुमान)२
(मेरे मन मे बसे हे राम,
मेरे तन मे बसे हे राम)२
पवन पुत्र हनुमान)२
(मेरे मन मे बसे हे राम,
मेरे तन मे बसे हे राम)२
(सीता हरण किया रावण ने प्रभू जी थे आकुलाये)२
(हनुमान ने सीता जी को प्रभू संदेश सुनाए)२
हनुमान जी ने कर्ते आए प्रभू जी को गुन गान
(मेरे मन मे बसे हे राम,मेरे तन मे बसे हे राम)२
(लगी लक्षुमन् जी को सक्ति
देख प्रभू घबराए)२
(भोर से पहिले हनुमान जी
धौला गिरि ले आए)२
उठ भेठ लक्षुमन् लेकर
श्री राम का नाम
(मेरे मन मे बसे हे राम,
मेरे तन मे बसे हे राम)२
श्री राम का नाम
(मेरे मन मे बसे हे राम,
मेरे तन मे बसे हे राम)२
( बानर सेना देख के रावण
कि सेना घबराए)२
(पलक झपक ते हनुमान ने
लंका मे आग लगाए)२बोले प्रभू के साथ् मिट कर
रावण कि अभिमान
(मेरे मन मे बसे हे राम,
मेरे तन मे बसे हे राम)२






