ANUP JALOTA SINGS AAJ JANE KI ZID
आज जाने की ज़िद्द न करो यूँही पहलू में बैठे रहो हाय, मर जायेंगे हम तो लुट जायेंगे ऐसी बातें किया न करो तुम ही सोचो ज़रा, क्यों न रोकें तुम्हें? जान जाती है जब उठ के जाते हो तुम तुमको अपनी क़सम जान-ए-जाँ बात इतनी मेरी मान लो आज जाने की ... वक़्त की क़ैद में ज़िंदगी है मगर चंद घड़ियाँ यही हैं जो आज़ाद हैं इनको खोकर कहीं, जान-ए-जाँ उम्र भर न तरसते रहो आज जाने की ... कितना मासूम रंगीन है ये समा हुस्न और इश्क़ की आज में राज है कल की किसको खबर जान-ए-जाँ रोक लो आज की रात को आज जाने की ...Browse all bhajans by Anup Jalota

