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Naiya Padi Majdhaar – Bhajan By Sudhanshu Ji Maharaj

Naiya Padi Majdhaar – Bhajan By Sudhanshu Ji Maharaj नैया पड़ी मंझधार, गुरु बिन कैसे लागे पार, हरी बिन कैसे लागे पार। नैया पड़ी मंझधार, गुरु बिन कैसे लागे पार, हरी बिन कैसे लागे पार। मैं अपराधी जनम जनम का, मन में भरा विकार। तुम दाता, दुःख भंजना, मेरी करो संभार। नैया पड़ी मंझधार, गुरु […]