“जै चिंतपूर्णी माता, चिंता हरो माता…” यह भक्तिमय आरती माँ चिंतपूर्णी की महिमा का वर्णन करती है, जो भक्तों के सभी कष्टों को हरने वाली हैं। यह संगीतमय प्रस्तुति भक्ति वंदना संगीत (Bhakti Vandana Sangeet) द्वारा तैयार की गई है, जिसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग करके भावपूर्ण धुन तैयार की गई है।
📖 चिंतपूर्णी माता आरती का महत्व
माँ चिंतपूर्णी हिंदू धर्म में एक प्रमुख शक्तिपीठ हैं, जिनका मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। यह आरती भक्तों द्वारा मनोकामनाएँ पूर्ण करने, चिंताओं से मुक्ति पाने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने के लिए गाई जाती है।
🎵 इस आरती की विशेषताएँ:
✔ पूर्ण संगीतमय – हारमोनियम, तबला, सितार और मंदिर घंटियों के साथ
✔ मधुर स्वर – भावपूर्ण गायन शैली
✔ दैनिक पूजा के लिए उपयुक्त – सुबह/शाम की आरती
✔ नवरात्रि विशेष – दुर्गा पूजा और शक्ति उपासना में महत्वपूर्ण
📜 आरती के बोल (Lyrics in Hindi)
जै चिन्त्पुर्णी माता, चिन्ता हरो माता |
जीवन मेँ सुख दे दो, कश्ट हरो माता ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
ऊन्चा पर्वत तेरा, झ्न्डे झूल रहे |
करेँ आरती सारे, मन मेँ फूल रहे ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
सती के शुभ चरणोँ पर, मन्दिर है भारी |
छिन्न मस्तिका कह्ते, सारे सन्सारी ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
माईदास एक ब्राह्मण, स्वपन मेँ दरस दिये |
पूजा पिन्डी ध्यान कर, आनन्द भाव किये ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
बरगद पेड है दर पर, सुख भंडार भरे |
घन्टे घन घन बाजे, जय जय कार करेँ ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
कन्या गाती दर पे, मधुर स्वरोँ मेँ जब |
जिन्को सुन के, चिन्ता, मन की हटे माँ सब ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
पान सुपारी ध्वजा नारियल, छ्त्र चुन्नी संग मेँ|
चन्दन इत्र गुलाब जल, भेंट चढे अंग में ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
चिन्तित जीवन की माँ, तुम हो रख वाली |
सेवक आरती करता, कर मेँ लिये थाली ||
ॐ जय चिन्त्पुर्णी माता…
📜 (Lyrics in English)
Jai Chintpurni Mata, Chinta Haro Mata |
Jeevan mein sukh de do, Kasht haro Mata ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Uuncha parvat tera, Jhande jhool rahe |
Karein aarti saare, mann mein phool rahe ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Sati ke shubh charnon par, mandir hai bhaari |
Chhinnmastika kehte, saare sansaari ||
Om Jai Chintpurni Mata…
MaaiDaas ek brahman, swapan mein daras diye |
Pooja pindi dhyaan kar, aanand bhaav kiye ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Bargad ped hai dar par, shukh bhandaar bhare |
Ghante ghan ghan baaje, jai jai kaar karein ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Kanya gaati dar pe, madhur swaron mein jab |
Jinko sun ke, chinta, mann ki hate Maa sab ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Paan supari dhwaja nariyal, chattr chunni sang mein |
Chandan ittr gulaab jal, bheint chadhe ang mein ||
Om Jai Chintpurni Mata…
Chintit jeevan ki Maa, tum ho rakhvaali |
Sevak aarti karta, kar mein, liye thaali ||
Om Jai Chintpurni Mata…