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Bhajan Lyrics

सावरे बिन तुम्हारे गुजारा नहीं तेरे सिवा कोई हमारा नहीं

सावरे बिन तुम्हारे गुजारा नहीं तेरे सिवा कोई हमारा नहीं सावरे बिन तुम्हारे गुजारा नहींतेरे सिवा कोई हमारा नहीं जब से देखा सावरे, जलवा तुम्हारा, दिल तुझ पे है वारा, तेरे हो लिए तुमने भी सावरे, मेरी राहों से, चुन चुन कर के कांटे फूल बो दिएतेरी यह जुदाई गवारा नहीं, सावरे बिन तुम्हारे गुजारा नहीं… जब […]

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नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला भजन लिरिक्स

नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण ताना ना सेह पाऊं,क्यों तोड़ी है यह माला नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषणताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी  है यह माला, तुझे  ए  लंकापति बतलाऊंमुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊंऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं  

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मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू । हरि भजन को मान रे तू भजन लिरिक्स

मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू । हरि भजन को मान रे तू मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू ।हरि भजन को मान रे तू… नयन दिए दर्शन करने को, श्रवण दिए सुन ज्ञान रे ।हरि भजन को मान रे तू… वदन दिया हरि गुण गाने को,

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जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा

जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा,वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा ।जहाँ सत्य अहिंसा और धरम का पग पग लगता डेरा,वो भारत देश है मेरा, वो भारत

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राजीव लोचन राम आज अपने घर आए कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित, भजन लिरिक्स

राजीव लोचन राम आज अपने घर आए कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित, राजीव लोचन राम आज अपने घर आए ।कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित,राम लकहन सिया जान मन भाए ॥ नाचे किन्नर नाग बदूटी,बार बार कुसुमांजलि छूटी ।हे जग पावन, मुनि मन भावन,असीसो भाजस बरनी न जाए ॥राजीव लोचन राम आज अपने घर आए… नगर

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बाला मैं बैरागन हूंगी – २ जिन भेषा मेरो साहब रीझे भजन लिरिक्स

बाला मैं बैरागन हूंगी – २ जिन भेषा मेरो साहब रीझे बाला मैं बैरागन हूंगी – २जिन भेषा मेरो साहब रीझेसोहि भेष धरूंगीबाला मैं बैरागन हूंगी  कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावाकहो तो भगवा भेषकहो तो मोतियन मांग भरावाकहो छिटकावा केशबाला मैं बैरागन हूंगी  प्राण हमारा वह बसत हैयहाँ तो खाली खोड़मात पिता परिवार सहूँ हैकही

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मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई जाके सर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई भजन लिरिक्स

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई जाकेसर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोईजाके सर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई कोई कहे कारो,कोई कहे गोरोलियो है अँखियाँ खोलकोई कहे हलको,कोई कहे भारोलियो है तराजू तौलमेरे तो गिरधर गोपालदूसरो ना कोई कोई कहे छाने,कोई कहे छुवनेलियो है बजन्ता ढोलतन का गहना मैं

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तन तम्बूरा,तार मन अद्भुत है ये साज

तन तम्बूरा,तार मन अद्भुत है ये साज तन तम्बूरा,तार मनअद्भुत है ये साजहरी के कर से बज रहाहरी ही है आवाज तन के तम्बूरे में दो सांसो की तार बोलेजय सिया राम राम..जय राधे श्याम श्याम अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरामगन हुआ मन मेरा,छूटा जनम जनम का फेरामन की

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इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले – २ गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले – २ गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले – २गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले  श्री गंगा जी का तट हो,यमुना का वंशीवट होमेरा सांवरा निकट होजब प्राण तन से निकलेइतना तो करना

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कबीरा सोया क्या करे बैठा रहू अरु जाग जिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लाग

कबीरा सोया क्या करे बैठा रहू अरु जाग जिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लाग कबीरा सोया क्या करे ? बैठा रहू अरु जागजिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लागज्यों तिल माही तेल है ज्यों चकमक में आगतेरा साईं तुझ में, जाग सके तो जाग माला फेरत जुग भया, मिटा न मन का

कबीरा सोया क्या करे बैठा रहू अरु जाग जिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लाग Read More »

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