मैं खाटू वाले से मांगू क्या जब बिन माँगे ही पाया है भजन लिरिक्स

मैं खाटू वाले से मांगू क्या जब बिन माँगे ही पाया है भजन लिरिक्स

मैं खाटू वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है,
मैं तेरा दर ना छोड़ूंगा,
मुझे तेरा सहारा है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।

मैं जब भी आया दर तेरे,
मुझे एक तू ही भाया है,
तेरी चौखट से ही बाबा,
मैंने सब कुछ ही पाया है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।।



मैंने देखा तेरा जलवा,
तू गिरतों को उठाता है,
तू जिसपे मोरछड़ी धर दे,
वो भव सागर तर जाता है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।।



आसरा तेरा है बाबा,
भरोसा तेरा पाया है,
मुझे अपनों ने ठुकराया,
तूने रिश्ता निभाया है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।



ना धन दौलत की है आशा,
ना कोई भी अभिलाषा है,
‘संजय’ संग ‘सन्नी’ भी बाबा,
तेरे दरबार आया है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।



मैं खाटू वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है,
मैं तेरा दर ना छोड़ूंगा,
मुझे तेरा सहारा है,
मैं खाटु वाले से मांगू क्या,
जब बिन माँगे ही पाया है।।