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तन की चादर पुरानी हुई बाबरे | Lyrics, Video | Miscellaneous Bhajans

तन की चादर पुरानी हुई बाबरे लिरिक्स tan ki chadar purani hui babre तन की चादर पुरानी हुई बाबरे लिरिक्स (हिन्दी) तन की चादर पुरानी हुई बाबरे अब नया रंग चढ़ाने से क्या फायदा, कर यतन कर्म का दाग धोया नहीं रोज गंगा नहाने से क्या फायदा, कर्म दुनिया से अपने छुपा जाएगा उनकी नजरों […]