अपने भक्तों के घर तुम गए थे गिरधर भजन लिरिक्स
अपने भक्तों के घर तुम गए थे गिरधर भजन लिरिक्स अपने भक्तो के घर, तुम गए थे गिरधर। दोहा – प्रेम निभाया मीरा से और, विष का प्याला पी डाला, लाज रखी थी नरसी की, नानी का भात था भर डाला, खेती उपजाई धन्ना की, कर्मा का खीचड़ खाये थे, मुझ में ऐसे भाव नहीं, […]

