चिंता ने पटखनी दे दे सुख री खिडकिया खोल दे
चिंता ने पटखनी दे दे,सुख री खिडकिया खोल दे,ऐ अटकीयो भटकीयो आयो सांवरा,मासू मुंडे बोल रे,पगल्या दाबु करु चाकरी,पूरी करूंगा कोल रे।। चार खुट में धुम मची रे,हल्लो मचग्यो भारी,टुकड़ों मांगे पुरो पावे,भरी तिजोरिया सारी,म्हारी कोठीया रीती रीती,म्हापे-गणी रे खोटी बीती,ऐ कई होसी रे म्हारो सांवरा,साँची साँची बोल दे,चिंता ने पाटखनी दे दे,सुख री खिडकिया […]




