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याद रह रह के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली एक प्रसिद्ध भजन है जिसे रसिक संत बाबा श्री चित्र विचित्र बिहारी दास जी महाराज ने गाया है। इस भजन में बरसाने की गलियों की याद आती है और श्री जी के प्यारे की याद आती है।
भजन में कई पंक्तियां हैं जैसे “याद रह रह के आती बड़ी,” “बरसाने की एक एक गली,” “ईत देखूं तो बांके बिहारी,” “उत देखूं तो लाडो खड़ी” और कई अन्य। यह भजन श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
याद रह रह के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली लिरिक्स (हिन्दी)
तर्ज: जिंदगी की ना टूटे लड़ी।
याद रह रह के आती बड़ी,
बरसाने की एक एक गली,
ईत देखूं तो बांके बिहारी,
उत देखूं तो लाडो खड़ी।।
जब जहां भी जिधर भी गए,
एक अद्भुत नजारा मिला,
हर गली के हर एक मोड़ पर,
मेरी श्री जी का प्यारा मिला,
कैसी मस्ती भरी जिंदगी,
बरसाने की एक एक गली,
याद रह रह के आती बडी,
बरसाने की एक एक गली।।
गीत बिरहा के गाए कोई,
कोई भक्ति के रस को पिए,
कोई गुमसुम सा बैठा हुआ,
राधा रानी का चित्र लिए,
तौबा तौबा ये दिल की लगी,
बरसाने की एक एक गली,
याद रह रह के आती बडी,
बरसाने की एक एक गली।।
आज तक भी वो दरबार का,
द्वार खुलना मैं भूला नहीं,
मंगल बेला में मंगल के दिन,
पहला दर्शन मैं भूला नहीं,
शांत नैनों में है वो छवि,
बरसाने की एक एक गली,
याद रह रह के आती बडी,
बरसाने की एक एक गली।।
याद रह रह के आती बड़ी,
बरसाने की एक एक गली,
ईत देखूं तो बांके बिहारी,
उत देखूं तो लाडो खड़ी।।
याद रह रह के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली Video
याद रह रह के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली Video
Voice: रसिक संत बाबा श्री चित्र विचित्र बिहारी दास जी महाराज
Video Name: याद रह रह के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली
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