वक्त्राणि ते त्वरमाणा विशन्ति
दंष्ट्राकरालानि भयानकानि |
केचिद्विलग्ना दशनान्तरेषु
सन्दृश्यन्ते चूर्णितैरुत्तमाङ्गै: || 27||

vaktrāṇi te tvaramāṇā viśhanti
danṣhṭrā-karālāni bhayānakāni
kechid vilagnā daśhanāntareṣhu
sandṛiśhyante chūrṇitair uttamāṅgaiḥ

Audio

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भावार्थ:

और हमारे पक्ष के भी प्रधान योद्धाओं के सहित सबके सब आपके दाढ़ों के कारण विकराल भयानक मुखों में बड़े वेग से दौड़ते हुए प्रवेश कर रहे हैं और कई एक चूर्ण हुए सिरों सहित आपके दाँतों के बीच में लगे हुए दिख रहे हैं॥26-27॥

Translation

and also the generals from our side, rushing headlong into your fearsome mouths. I see some with their heads smashed between your terrible teeth.

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English Translation Of Sri Shankaracharya’s Sanskrit Commentary By Swami Gambirananda