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This soulful bhajan, “Bhakto Ke Khatir Maiya Dharti Hai Roop Hajar,” beautifully celebrates the divine presence of Maiya. Sung by Ruchi Mundra and composed by Geet Govind, it is a melodious tribute that resonates with devotion and faith.
भक्तों के खातिर मईया धरती है रुप हजार लिरिक्स (हिन्दी)
तर्ज: देना हो तो दीजिये।
भक्तों के खातिर मईया,
धरती है रुप हजार,
ना जाने किस रूप में,
हो जाये दीदार।।
उसे पुकारो कोई नाम से,
माँ संकठा अम्बे रानी,
लक्ष्मी काली सरस्वती,
शेरा वाली या वरदानी,
माँ के चरणों से जिस दिन,
तेरा जुड़ जायेगा तार,
ना जाने किस रूप में,
हो जाये दीदार।।
दया दृष्टि है सब पर माँ की,
यह विश्वास हमारा है,
पर कितनी श्रद्धा भक्ति से,
माँ का नाम उचारा है,
तेरी विनती वो सुन लेगी,
तेरा भर देगी भण्डार,
ना जाने किस रूप में,
हो जाये दीदार।।
महिमा अपरम्पार है माँ की,
देव दनुज सबने ध्याया,
परशुराम क्या शक्ति बिन कोई,
एक कदम है चल पाया,
तेरे जीवन की नैया की,
माँ ही है खेवनहार,
ना जाने किस रूप में,
हो जाये दीदार।।
भक्तों के खातिर मईया,
धरती है रुप हजार,
ना जाने किस रूप में,
हो जाये दीदार।।
भक्तों के खातिर मईया धरती है रुप हजार Video
भक्तों के खातिर मईया धरती है रुप हजार Video
🎵 Bhajan: Bhakto Ke Khatir Maiya Dharti Hai Roop Hajar
🎬 Director: Pradeep Singh Triple P
🎤 Singer: Ruchi Mundra
🎶 Music Director: Geet Govind
🖋 Lyrics: Parshuram Upadhyay
🎙 Studio: Soul Sound Recording Studio, Surat
✨ Producers: Manoj Mundra
🌟 Inspiration: Manas Mandal (Varanasi)
🙏 Blessings:
- Anuradha Vinay Agrawal (Parents)
- Bhagwati Omprakash Mundra (Parents-in-law)






