Bhar De Mayaro Sanwriya नानी बाई लागे || Pappu Sharma Khatu Wale || Top Khatu Shyam Bhajan

Bhar De Mayaro Sanwriya नानी बाई लागे || Pappu Sharma Khatu Wale || Top Khatu Shyam Bhajan

भरदे मायरो साँवरिया,
नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।


बाबुल म्हारो भोलो ठाड़ो,

भी तो सुखो आयो,
कुटुंब कबीलों साथ ना दीन्हो,
संता ने संग ल्यायो,
लज्जा राख ले साँवरिया,
थारो काई लागे,
थारो काई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।

भर दे मायरो साँवरिया,
नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।


सास ननंद म्हने बोली म्हारे,

कठे सु आसी पाग,
ई दुखड़े की मारी बीरा,
जागु सारी रात,
म्हणे नारण्यो देवरियो,
कसाई लागे,
कसाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।

भर दे मायरो साँवरिया,
नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।


बाबुल बोले सेठ सांवरो,

आसी आसी आसी,
एक राख बिस्वास की बीरा,
तेरा हर जस गासी,
जो ना आयो रे सांवरिया,
जग हसाई लागे,
जग हसाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।

भरदे मायरो साँवरिया,
नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।


टेर सुणी नानी बाई की,

साँवरियो झट आयो,
भात भरण नानी बाई को,
माणक भर भर ल्यायो,
‘पप्पू शर्मा’ सोना बरसे,
ज्यूँ लुटाई लागे,
ज्यूँ लुटाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।

भर दे मायरो साँवरिया,
नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।


भरदे मायरो साँवरिया,

नानी बाई लागे,
नानी बाई लागे,
सारी दुनिया ने बता दे,
मेरो भाई लागे।।