कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे,हम रोये
कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे,हम रोये कबीरा जब हम पैदा हुए,जग हँसे,हम रोये ।ऐसी करनी कर चलो,हम हँसे,जग रोये ॥ चदरिया झीनी रे झीनीराम नाम रस भीनीचदरिया झीनी रे झीनी अष्ट-कमल का चरखा बनाया,पांच तत्व की पूनी ।नौ-दस मास बुनन को लागे,मूरख मैली किन्ही ॥चदरिया झीनी रे झीनी… जब मोरी चादर बन घर […]

