रात श्याम मेरे सपने में आया कैसे केहदु की आया नहीं है, उसने मुजको गल्ले से लगाया कैसे कह दू लगाया न Lyrics

raat shyam mere sapne mein aaya

रात श्याम मेरे सपने में आया कैसे केहदु की आया नहीं है, उसने मुजको गल्ले से लगाया कैसे कह दू लगाया न Lyrics in Hindi

रात श्याम मेरे सपने में आया कैसे केहदु की आया नहीं है,
उसने मुजको गल्ले से लगाया कैसे कह दू लगाया नहीं है,

सिर पर उसके था मोर मुकट प्यारा,
हार था मोतियों का गल्ले में,
काली अखियो में कजरा लगाया,
कैसे कह्दु लगाया नही है,
रात श्याम मेरे……

हाथ में उनके थी बांसुरी वो मोहनी जिसके स्वर में छुपी है,
जिसने सारे जगत को नचाया कैसे कह्दु के नचाया नही है,
रात श्याम मेरे………………

पास में मेरे आ कर के बेठा मुस्कारते हुए मनमोहन जब,
अपने हाथो से माखन खिलाया कैसे कह दू खिलाया नही है,
रात श्याम मेरे………………..

रात श्याम मेरे सपने में आया कैसे केहदु की आया नहीं है, उसने मुजको गल्ले से लगाया कैसे कह दू लगाया न Lyrics Transliteration (English)

raat shyaam mere sapane mein aaya kaise kehadu kee aaya nahin hai,
usane mujako galle se lagaaya kaise kah doo lagaaya nahin hai,

sir par usake tha mor mukat pyaara,
haar tha motiyon ka galle mein,
kaalee akhiyo mein kajara lagaaya,
kaise kahdu lagaaya nahee hai,
raat shyaam mere……

haath mein unake thee baansuree vo mohanee jisake svar mein chhupee hai,
jisane saare jagat ko nachaaya kaise kahdu ke nachaaya nahee hai,
raat shyaam mere………………

paas mein mere aa kar ke betha muskaarate hue manamohan jab,
apane haatho se maakhan khilaaya kaise kah doo khilaaya nahee hai,
raat shyaam mere………………..

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