एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारय ।अहं कृत्स्नस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्तथा ॥
एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारय ।अहं कृत्स्नस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्तथा ॥

एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारय |
अहं कृत्स्नस्य जगत: प्रभव: प्रलयस्तथा || 6||

etad-yonīni bhūtāni sarvāṇītyupadhāraya
ahaṁ kṛitsnasya jagataḥ prabhavaḥ pralayas tathā

Audio

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भावार्थ:

हे अर्जुन! तू ऐसा समझ कि सम्पूर्ण भूत इन दोनों प्रकृतियों से ही उत्पन्न होने वाले हैं और मैं सम्पूर्ण जगत का प्रभव तथा प्रलय हूँ अर्थात्‌ सम्पूर्ण जगत का मूल कारण हूँ॥6॥

Translation

Know that all living beings are manifested by these two energies of mine. I am the source of the entire creation, and into me it again dissolves.

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English Translation Of Sri Shankaracharya’s Sanskrit Commentary By Swami Gambirananda

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