“Soul Soothing God Shri Ram Devotional Chant”
Bhajans
Bole Ram Aaja Ram Jagit Singh Mann Mein Ram Basale Jagjit
Bole Ram Aaja Ram Jagit Singh Mann Mein Ram Basale Jagjit भोले राम आजा राम भोले राम जनम सफल होगा रे बंदे मन में राम बसाले, मन में राम बसाले भोले राम आजा राम भोले राम हे राम नाम के मोती को सांसो की माला बना ले, मन में राम बसाले,हे राम पतित पावन करुणाकर […]
“Hari Darsan Ki Pyasi Ankhiyan”
“Hari Darsan Ki Pyasi Ankhiyan” हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ देखियो चाहत कमल नैन को देखियो चाहत कमल नैन को, निसदिन रहेत उदासी निसदिन रहेत उदासी […]
“Jai Ragunandan Jai Siya Ram”
“Jai Ragunandan Jai Siya Ram” जय रघुनन्दन जय सियाराम | हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम || भ्रात भ्रात को हे परमेश्वर, स्नेह तुन्ही सिखलाते | नर नारी के प्रेम की ज्योति जग मे तुम्ही जलाते | ओ नैया के खेवन हारे, जपूं मै तुमरो नाम || तुम्ही दया के सागर प्रभु जी, तुम्ही पालन हारे | […]
“Jag Mein Sundar Hai Do Naam”- Beautiful Lord Shr Rama Krishna Bhajan
“Jag Mein Sundar Hai Do Naam”- Beautiful Lord Shr Rama Krishna Bhajan जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम श्याम जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम श्याम माखन ब्रज में एक चुरावे, […]
Hey Ram – Hey Ram jagjit singh
Hey Ram – Hey Ram jagjit singh हे राम, हे राम, हे राम, हे राम जग में साचे तेरो नाम । हे राम… तू ही माता, तू ही पिता है । तू ही तू हे राधा का श्याम ।। तू अर्न्तायामी, सबका स्वमी । तेरो चरणों में चारो धाम ।। तू ही बिगाड़े, तू […]
“Peace Giving & Beautiful Devotional Song”
“Peace Giving & Beautiful Devotional Song”
Shri Ram Stuti
Shri Ram Stuti श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं | नवकंज-लोचन, कंज-मुख, कर-कंज पद कंजारुणं || हे मन! कृपालु श्रीरामचंद्रजी का भजन कर | वे संसार के जन्म-मरणरूप दारुण भय को दूर करने वाले हैं, उनके नेत्र नव-विकसित कमल के सामान हैं, मुख-हाथ और चरण भी लाल कमल के सदृश हैं | कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद सुंदरं | पट पीत मानहु तड़ित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरं || उनके सौन्दर्य की छटा अगणित कामदेवों से बढ़कर है, उनके शरीर का नवीन नील-सजल मेघ के जैसा सुन्दर वर्ण है, पीताम्बर मेघरूप शरीरों में मानो बिजली के सामान चमक रहा है, ऐसे पावन रूपजानकी पति श्रीरामजी को मैं नमस्कार करता हूँ | भजु दीनबंधु दिनेश दानव-दैत्यवंश-निकन्दनं | रघुनंद आनँदकंद कोशलचंद दशरथ-नन्दनं || हे मन ! दीनों के बन्धु, सूर्य के सामान तेजस्वी, दानव और दैत्यों के वंश का समूल नाश करने वाले, आनंदकंद, कोशल-देशरूपी आकाश में निर्मल चंद्रमा के सामान दशरथनंदन श्रीराम का भजन कर | सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणं | आजानुभुज शर-चाप-धर, संग्राम-जित-खरदूषणं || जिनके मस्तक पर रत्न-जटित मुकुट, कानों में कुंडल, भाल पर सुन्दर तिलक और प्रत्येक अंग में सुन्दर आभूषण सुशोभित हो रहे हैं, जिनकी भुजाएँ घुटनों तक लम्बी हैं, जो धनुष-बाण लिए हुए हैं,
“Ragupati Raghav Raja Ram” a Bhajan by Hari Om Sharan
“Ragupati Raghav Raja Ram” a Bhajan by Hari Om Sharan Raghupati Raghav Raja Ram Patita Pavan Sitaram Sitaram, Sitaram, Bhaj Pyare Mana Sitaram Raghupati Raghav Raja Ram Patita Pavan Sitaram Ishwar Allah Tero Nam, Sabako Sanmati De Bhagawan Raghupati Raghav Raja Ram Patita Pavan Sitaram Mukhmen Tulsi Ghatamen Ram, Jab Bolo Tab Sitaram Raghupati Raghav […]
