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“Hey Rom Rom Mein Basne Wale Ram”

“Hey Rom Rom Mein Basne Wale Ram” हे रोम रोम में बसने वाले राम हे रोम रोम में बसने वाले राम जगत के स्वामी हे अंतर्यामी मै तुझसे क्या मांगू मै तुझसे क्या मांगू हे रोम रोम में बसने वाले राम ास का बंधन तोड़ चुकी हु तुझपर सब कुछ छोड़ चुकी हु ास का […]

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Hari tum haro

Hari tum haro हरी तुम हरो जन की भीड़ । द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढाओ चीर ॥ भक्त कारन रूप नर हरी धरेओ आप शरीर । हिरण्यकश्यप मार लीन्हो धरेओ नहीं धीर ॥ बुडते गजराज राख्यो कियो बाहर नीर । दासी मीरा लाल गिरधर दुख जहाँ तहां भीड़ ॥

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Anup Jalota – “Mati kahe kumhar se”

Anup Jalota – “Mati kahe kumhar se” माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे। एक दिन ऐसा आएगा, मैं रोंदूगी तोहे॥ आये हैं तो जायेंगे, राजा रंक फ़कीर। एक सिंहासन चडी चले, एक बंधे जंजीर॥ दुर्बल को ना सतायिये, जाकी मोटी हाय। बिना जीब के हाय से, लोहा भस्म हो जाए॥ माटी कहे कुम्हार […]