भगवन साँची कहो ना बिचारी है क्या Lyrics, Video, Bhajan, Bhakti Songs
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भगवन साँची कहो ना बिचारी है क्या लिरिक्स
Bhagwan Sachi Kaho Na Bichari Hai Kya
भगवन साँची कहो ना बिचारी है क्या लिरिक्स (हिन्दी)
भगवन साँची कहो ना,
बिचारी है क्या,
हाँ बिचारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
करके पत्थर की ऋषि नारी,
आये मेरे पास मुरारी,
नोका बनी काठ की म्हारी,
इसकी बारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
मैंने सुना है आपके,
तो चरणों में जाने बात क्या,
छुवत सिला नारी भई तो,
काठ की औकात क्या।
मेरा यही रुजगार है,
तो रुजगार बिन प्रभु जात क्या,
करिए कृपा करुणानिधे,
मुझ दीन के संग घात क्या।
मेरी बनी काठ की तरणी,
परसत चरण बने मुनि ग्रहणी,
फिर क्या इससे खोटी तरणी,
नाथ धारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
चरनारबिंदो की शपथ,
अब ही मंगाई ही है नई,
दो चार दिन ही है चलाई,
मानिये मेरी कहि।
झूटी नही यह सत्य है,
कि बन में सिला नारी भई,
पाहन कठिन है काठ से,
कैसे भरोसा हा दई।
मेरी जावे नाव उड़ाई,
रोवे बच्चे और लुगाई,
मेरे पास न कोडी पाई,
नाथ धारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
स्वीकार विनती हो अगर,
तो स्वीकृति प्रभु दीजिए,
पहले चरण धुलवाईये,
इतना अनुग्रह कीजिए।
जब तक ना पद पंकज पखारु,
तो नाथ ना मन लीजिये,
लाऊ नही नैया मदइया,
आप कितना ही खिजिये।
ऐसा समय फेर नहीं आनी,
सारी बात करूँ मनमानी,
मत कहना सारंग बानी,
ये अनारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
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केवट के सुनकर बचन,
राजिवनयन मुस्का गये,
केवट प्रभु की बात सुनकर,
सिय लखन सकुचा गये।
केवट कुटुंभी ले कुटम्ब,
और गंग तट पर आ गये,
ये दृश्य देखन देवता,
ले विमान नभ पर छा गये।
ये पद ब्रह्मादिक नही जो है,
वे पद केवट मल मल धोये,
सारे पाप जनम के धोये,
इसमें ख्वारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
चरणकमल रज धोय केवट,
नाव लायो घाट है,
प्रभु को बिठा बल्ली लगाकर,
करता चला जयकार है।
बोले गगन से देवता,
तू धन्य माँझीवार है,
और प्रभु से पहले हो गया,
तू भवसागर के पार है।
उतरे सुरसरि तट हरि जाई,
मन में सकुचे श्री रघुराई,
इसको क्या देवे उतराई,
हाथ खाली है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
जान पिय की बात हिय की,
तो मूंदड़ी सिय ने दयी,
देने लगे केवट को प्रभु,
कहकर अनुच्छित ना लयी।
गंगा का मांझी सिर्फ मैं,
भवसिंधु के मांझी दयी,
करना मुझे भवपार प्रभु जी,
यही है मेरी उतराई ।
करके प्रभु पद कमल प्रणाम,
केवट हर्ष चलत निजधाम,
जपता पथिक सिंधु जननाम,
सुधि बिसारि है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
भगवन साँची कहो ना,
बिचारी है क्या,
हाँ बिचारी है क्या,
भगवन सांची कहो ना,
बिचारी है क्या।।
भगवन साँची कहो ना बिचारी है क्या Video
भगवन साँची कहो ना बिचारी है क्या Video
गायक श्री अमरचन्द सोनी।
प्रेषक मुकेश कुमार वैष्णव।
9587982200