बड़ी दुर से चलकर आया हूं, मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए
Receive daily temple updates, divine darshan, and morning bhajans directly on WhatsApp.
बड़ी दुर से चलकर आया हूं, मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए
बड़ी दुर से चलकर आया हूं,
मेरे दादा तेरे दर्शन के लिए ।
एक फुल गुलाब का लाया हूं,
चरणों में तेरे रखने के लिए ॥
ना रौली मोली चावल हैं,
ना धन दौलत की थैली हैं ।
दो आंसू बचाकर लाया हूं,
बस पूजा तेरी करने के लिए ॥
ना रंगमहल की अभिलाषा,
ना इच्छा सोने चांदी की ।
तेरी दया की दौलत काफी है,
बस झोली मेरी भरने के लिए ॥
मेरे दादा इच्छा नहीं मेरी,
अब यहां से वापस जाने की ।
चरणों में जगह दे दो थोड़ी,